Sunday, October 2, 2022

संयुक्त राष्ट्र संघ और इसके संगठन- Class 12th CH-5th Political Science United Nations And Its Organizations

 

संयुक्त राष्ट्र संघ और इसके संगठन- Class 12th CH-5th Political Science United Nations And Its Organizations








संयुक्त राष्ट्र संघ


यह एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है.

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई.

भारत इसका सदस्य 30 अक्टूबर 1945 को बना.

संयुक्त राष्ट्र संघ की वर्तमान सदस्य संख्या 193 देश हैं.



संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक

संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर पर 50 देशों के हस्ताक्षर हुए। पोलैंड 51वा देश था। इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ में 51 मूल संस्थापक सदस्य हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?

प्रथम विश्व युद्ध 1914-1918 ने दुनिया को इस बात के लिए जगा दिया की झगड़ों के निपटारे के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय संगठन जरूर होना चाहिए! 
इसके बाद लीग ऑफ नेशंस का जन्म हुआ! 
शुरुवात में यह संगठन कामयाब रहा! 
लेकिन यह दूसरा विश्व युद्ध 1939-45 को नहीं रोक सका! 
ऐसे में एक बार फिर आवश्यकता पड़ी! 
कि कोई एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय संगठन होना चाहिए! 
जो दुनिया के विभिन्न देशों के झगड़ों का निपटारा कर सकेऔर विभिन्न देशों को एक साथ एक मंच पर ला सकें! 
ऐसे में लीग ऑफ नेशंस के उत्तराधिकारी के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई! 

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य

  1. अंतर्राष्ट्रीय झगड़ों को रोकना।
  2. राष्ट्रों के बीच सहयोग की राह दिखाना।
  3. अगर विभिन्न देशों के बीच में युद्ध छिड़ गया हो तो दुश्मनी को कम करना।
  4. सामाजिक आर्थिक विकास।
  5. विभिन्न देशों की सहायता करना।

संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना / अंग

1) सुरक्षा परिषद
2) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
3) सचिवालय
4) आम सभा
5) आर्थिक और सामाजिक परिषद
6) न्यासिता परिषद

सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते है।
5 सदस्य स्थाई होते है।
10 सदस्य अस्थाई  होते हैं जो प्रत्येक 2 वर्ष के बाद बदल दिए जाते हैं
इन सदस्यों का चुनाव आम सभा द्वारा होता है.

उद्देश्य

शांति और सुरक्षा बनाए रखना.
अनिवार्य निर्णय को घोषित करने का अधिकार

आम सभा

एकमात्र ऐसी संस्था जिसमें प्रत्येक सदस्य को 1 वोट हासिल है.
सभी को समानता है.
हर वर्ष सम्मेलन होता है.
महासभा संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा पत्र में आने वाले समस्त विषयों पर विचार करती है.
विवाद का मंच.

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय नीदरलैंड के हेग में स्थित है।
1980 तक अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का काफी कम प्रयोग किया गया।
इसके बाद से विकाशील देशों ने इसका प्रयोग शुरू किया.
अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान किया जाता है.
इसमें 15 न्यायाधीशों का चुनाव 9 वर्ष के लिए.
आम सभा और सुरक्षा परिषद दोनों में पूर्ण बहुमत द्वारा होता है.

सचिवालय

अन्य प्रमुख संगठनों के कार्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्टाफ।
इसका प्रमुख महासचिव होता है.
जिसकी नियुक्ति सुरक्षा परिषद की सलाह पर आम सभा 5 सालों के लिए करती हैं।

आर्थिक और सामाजिक परिषद

सदस्य - 54.
सदस्य देशों का चुनाव आम सभा 3 साल के लिए करती है.
सभी भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व हो.
इस प्रकार सदस्य का चुनाव.

न्यासिता परिषद

इसका उद्देश्य दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पराजित देशो की संपत्ति को लौटाना था.
इन देशों की अर्थव्यवस्था में सुधार का प्रयास करना.
इसमें 11 देशों को रखा गया था.
1994 के बाद इसे समाप्त कर दिया गया.

UNESCO :-
United Nations educational scientific and cultural organization 
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन

स्थापना –16 नवंबर 1945
4 नवंबर 1946
सदस्य - 193
मुख्यालय-पेरिस (फ्रांस )
उद्देश्य –
शिक्षा, विज्ञान, समाज तथा मानव विज्ञान, संस्कृति, संचार को उन्नत बनाना.
युनेसको द्वारा सदस्य देशों के मध्य साक्षरता का प्रसार.
तकनीकी और शैक्षिक प्रशिक्षण तथा स्वतंत्र मीडिया के प्रचार के लिए कार्य किए गए हैं.
युनेसको विश्व में कुछ स्थलों को विश्व विरासत स्थल घोषित करता है.
अद्भुत औरयूनिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व इत्यादि.
भारत की लगभग 38 स्थलों को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया है
उदाहरण –
आगरा किला, अजंता गुफा, सूर्य मंदिर इत्यादि।

UNICEF :-
United Nations children fund.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष.

सदस्य -193
स्थापना– 1946
मुख्यालय (न्यूयॉर्क ) USA

उद्देश्य या कार्य।

यह विश्व भर में बच्चों के कल्याण कार्य में लगा हुआ है.
बच्चों के विकास के लिए कार्य करता है.
बच्चों के स्वास्थ्य तथा उत्तम जीवन को सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है.

I.L.O :-
International labour organization 
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन

सदस्य - 187
स्थापना – 1919
मुख्याला-जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड).
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ( I.L.O )

उद्देश्य या कार्य:-

श्रमिकों की सहायता करना अंतर्राष्ट्रीय मानकों के द्वारा वैश्विक स्तर पर श्रमिको के लिए कार्य करना.
कार्य स्तर पर सुरक्षा ,समता, स्वाभिमान की स्थिति बनाना.
महिला तथा पुरुष श्रीमको को उत्पादन कार्य में संलग्न करने के लिए प्रोत्साहन देना.
बलात श्रम तथा भेदभाव से मजदूरों को बचाना.
संयुक्त राष्ट्रसंघ की कई शाखाएं और एजेंसियां है। सदस्य देशों के बीच युद्ध और शांति तथा विरोध पर आम सभा में भी चर्चा होती है और सुरक्षा परिषद में भी सामाजिक आर्थिक मुद्दों से निपटने के लिए कई एजेंसियां है जिनमें शामिल है.
WHO :- World Health Organization 
UNDP :- United Nations Development Program 
UNHRC :- United Nations Human Right Council 
UNHCR :-. United Nations High Commissioner for Refugees 
UNICEF :- United Nations International Children's Emergency Fund
UNESCO :- United Nations Educational, Social and Cultural Organization 

बीच युद्ध और शांति तथा विरोध पर आम सभा में भी चर्चा होती है और सुरक्षा परिषद में भी सामाजिक आर्थिक मुद्दों से निपटने के लिए कई एजेंसियां है जिनमें शामिल है.
WHO
UNDP
UNHRC
UNHCR
UNICEF
UNESCO

W.H.O (World health organization - विश्व स्वास्थ्य संगठन)

स्थापना – 7 अप्रैल 1948.
सदस्य - 194.
मुख्याला-जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड).
भारत इसमें 1948 से ही शामिल गई.
यह संगठन विश्व भर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करता है.
विश्व भर में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना.
विश्व भर के देश इसमें अपना योगदान करते है.
विश्व के लोगों के स्वास्थ्य स्तर को ऊंचा करना.
इसके 6 क्षेत्रीय कार्यालय है.
इसमें से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का चित्र कार्यालय नई दिल्ली में है.
डब्ल्यूएचओ ने भारत में.
चेचक, पोलियो, संक्रामक रोग तथा.
विभिन्न प्रकार के टीके और दवाइयां उपलब्ध कराने में योगदान दिया है.
United Nations And It's Organization's
Principal organs, key agencies: UNESCO,UNICEF,WHO,ILO, Security council and the need for its expansion.

सुरक्षा परिषद और इसमें विस्तार की आवश्यकता


संयुक्त राष्ट्रसंघ तथा सुरक्षा परिषद द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद बने हैं.
सुरक्षा परिषद में सदस्यों की संख्या में आज तक कोई बदलाव नहीं हुआ है.
लेकिन वर्तमान समय में विश्व में बहुत से बदलाव देखने को मिल रहे हैं.
ऐसे में कई बार सुरक्षा परिषद के स्थाई तथा अस्थाई सदस्यों को बढ़ाने की मांग उठी है.
एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के ज्यादा देशों को सुरक्षा परिषद में सदस्यता देने की बात उठी है.
सुधार होने चाहिए इस सवाल पर सभी सहमत हैं.
लेकिन सुधार कैसे किया जाए इसका समाधान नहीं मिला.
1992 में संयुक्त राष्ट्रसंघ की आम सभा में एक प्रस्ताव पारित हुआ

जिसमें तीन मुख्य शिकायतों का जिक्र हुआ :-

सुरक्षा परिषद अब राजनीतिक वास्तविकता की नुमाइंदगी नहीं करती.
सुरक्षा परिषद के फैसलों पर पश्चिमी मूल्यों और हितों की छाप होती है। 
इनके फैसलों पर चंद देशों का दबदबा होता है।

सुरक्षा परिषद में बराबर का प्रतिनिधित्व नहीं है।

→→→→→


1997 में संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव कोफी अन्नान ने जांच शुरू करवाई कि सुधार किस प्रकार किया जाए,
अगर नए सदस्य सुरक्षा परिषद में चुने जाएं तो किस प्रकार चुने जाएं.
इसके बाद कुछ सालों में सुरक्षा परिषद के स्थाई और अस्थाई सदस्यता के लिए नए मानदंड सुझाए गए जो इस प्रकार हैं.
1) बड़ी आर्थिक ताकत.
2) बड़ी सैन्य ताकत.
3) संयुक्त राष्ट्रसंघ के बजट में योगदान.
4) आबादी के लिहाज से बड़ा राष्ट्र.
5) ऐसा देश जो लोकतंत्र और मानव अधिकारों का सम्मान करता हो.
6) ऐसा देश जो अपने भूगोल अर्थव्यवस्था और संस्कृति के लिहाज से
7) विश्व की विविधता की नुमाइंदगी करता हो।
(For most important questions open this link)
GAURISH PANDEY
( CO-FOUNDER OF EKLAVYA COACHING INSTITUTE )



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